रचयिता : चुन्नीलाल
चुन्नीलाल जी झोपड़ पट्टी में निवास करने वाले गरीबों की स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और उनके बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष व उनके बच्चों की शिक्षा के लिए काम करते हैं । आशा परिवार एवं जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता तथा भारत नव निर्माण के सहयोगी, सलाहकार वा अतिथि लेखक हैं ।
आल्हा, 6 अगस्त 1945 को जापान देश के हिरोशिमा शहर पर अमेरिका द्वारा किये गए परमाणु बम के हमले में लाखों लोगों की जान जाने और वहां बचे लोगों को खून का कैंसर होने, की याद दिलाता है ताकि जापान की एक बालिका की तरह लोग खून के कैंसर का शिकार न हों और परमाणु बम, मिसाइल, बारूद जैसी चीजें जो मानव,पर्यावरण,पशु-पक्षी,जीव-जंतु सभी के लिए प्राण घातक हैं, लोग इनका विरोध करें । चुनीलाल जी द्वारा दिया गया शांति सन्देश 18 अगस्त 2009 को "सिटिज़न न्यूज़ सर्विस " में भी प्रकाशित हुआ है । भारत नव निर्माण के द्वारा यह सन्देश जन-जन तक पहुचाने में प्रशन्नता का अनुभव हो रहा है । चुन्नीलाल जी का भारत नव निर्माण के सयोगी , सलाहकार वा अतिथि लेखक के रूप में हार्दिक अभिनन्दन बंदन ।
Click here to read poem "AALHA"
चुन्नीलाल जी झोपड़ पट्टी में निवास करने वाले गरीबों की स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और उनके बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष व उनके बच्चों की शिक्षा के लिए काम करते हैं । आशा परिवार एवं जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता तथा भारत नव निर्माण के सहयोगी, सलाहकार वा अतिथि लेखक हैं ।
आल्हा, 6 अगस्त 1945 को जापान देश के हिरोशिमा शहर पर अमेरिका द्वारा किये गए परमाणु बम के हमले में लाखों लोगों की जान जाने और वहां बचे लोगों को खून का कैंसर होने, की याद दिलाता है ताकि जापान की एक बालिका की तरह लोग खून के कैंसर का शिकार न हों और परमाणु बम, मिसाइल, बारूद जैसी चीजें जो मानव,पर्यावरण,पशु-पक्षी,जीव-जंतु सभी के लिए प्राण घातक हैं, लोग इनका विरोध करें । चुनीलाल जी द्वारा दिया गया शांति सन्देश 18 अगस्त 2009 को "सिटिज़न न्यूज़ सर्विस " में भी प्रकाशित हुआ है । भारत नव निर्माण के द्वारा यह सन्देश जन-जन तक पहुचाने में प्रशन्नता का अनुभव हो रहा है । चुन्नीलाल जी का भारत नव निर्माण के सयोगी , सलाहकार वा अतिथि लेखक के रूप में हार्दिक अभिनन्दन बंदन ।
Click here to read poem "AALHA"